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डेंगू मरीजों से अस्पताल भरे पड़े, सरकारी रिकॉर्ड में सिर्फ एक मौत दर्ज

उत्तराखंड में डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। देहरादून में हालत सबसे ज्यादा खराब है जहां अस्पताल डेंगू के मरीजों से भरे पड़े हैं। सरकारी व्यवस्थाएं लचर और नाकाफी हैं। इस बीच, डेंगू से हुई मौत के आंकड़ों को छिपाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

सरकारी रिकॉर्ड में इस साल एक सितंबर तक डेंगू से प्रदेश में केवल एक मौत दर्ज की गई है। उत्तराखंड विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने यह जानकारी दी। विधानसभा में डेंगू को लेकर पूछे गए प्रश्न के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री की ओर से जवाब आया कि वर्ष 2023 में एक सितंबर तक कुल 746 डेंगू रोगी और एक मृत्यु रिपोर्ट की गई। कुल डेंगू रोगियों में से करीब 88 फीसदी रोगी उपचार प्राप्त कर स्वस्थ्य हो चुके हैं।

डेंगू से जुड़े ये सरकारी आंकड़े जमीन स्थिति से काफी अलग प्रतीत होते हैं। देहरादून शहर में डेंगू को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। अस्पतालों में डेंगू मरीजों की भीड़ है, जबकि मरीजों के परिजन ब्लड और प्लेटलेट्स के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि डेंगू की रोकथाम के लिए प्रभावी उपाय किए जा रहे हैं। देहरादून शहर और जनपद के अलावा हरिद्वार व रुड़की में डेंगू का कहर जारी है। हालात ये हैं कि प्लेटलेट्स देने वाले कम और जरूरत ज्यादा है।  

डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच मरीजों और मृतकों के आंकड़ों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। दून अस्पताल ने दो डेंगू मरीजों की मौत की जानकारी 15 दिन बाद रिकॉर्ड में दर्ज की। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, डेंगू से देहरादून में चार लोगों की मौत हुई है। जबकि डेंगू के प्रकोप और अस्पतालों का हाल देखते हुए वास्तविक आंकड़ा इससे कहीं अधिक हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग पर डेंगू मरीजों के आंकड़े छुपाने के आरोप लग रहे हैं।

अब तक प्रदेश के 6 जिलों में डेंगू के 800 से अधिक मामले आ चुके हैं। सबसे ज्यादा 506 मामले देहरादून में सामने आए हैं। यह आंकड़ा भी वास्तविकता से कम प्रतीत होता है। क्योंकि 459 डेंगू पॉजिटिव मरीज तो अकेले दून अस्पताल में आ चुके हैं। कोविड-19 महामारी के समय मरीजों और मृतकों की संख्या की रिपोर्टिंग पर काफी जोर दिया गया था। हर शहर, जिले और प्रदेश में मरीजों और मृतकों के आंकड़े लगातार अपडेट होते थे। लेकिन डेंगू के मामले में यह व्यवस्था पूरी तरह चरमराई नजर आती हैं।

अस्पतालों और स्वास्थ्य विभाग के बीच तालमेल की कमी के कारण भी सही आंकड़े सामने नहीं आ पा रहे हैं। दून में डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इंतजामों की समीक्षा की। खबर है कि स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी डेंगू को लेकर बरती जा लापरवाही और बदइंतजामी को लगातार उजागर कर रही हैं।

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