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जीडीपी ग्रोथ 7.3% रहने का अनुमान, लेकिन कृषि में 8 साल की सबसे कम ग्रोथ

सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2023-24 के लिए जीडीपी का पहला अग्रिम अनुमान 1 फरवरी को पेश होने वाले अंतरिम बजट से पहले जारी कर दिया है। अनुमान के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था इस साल 7.3 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। चालू वित्त वर्ष में मैनुफैक्चरिंग सेक्टर में पिछले वित्त वर्ष की तुलना में करीब 5 गुना ग्रोथ और कंस्ट्रक्शन सेक्टर की रफ्तार 10 फीसदी से ज्यादा रहने का अनुमान जताया है। लेकिन इस बीच कृषि जो अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और जिस पर सबसे ज्यादा निर्भर रहने वाली आबादी है, उसको लेकर खबर अच्छी नहीं है। कमजोर मानसून के चलते कृषि क्षेत्र में केवल 1.8 फीसदी की ग्रोथ रह सकती है।

आठ साल की सबसे कम ग्रोथ

चालू वित्त वर्ष में 1.8 फीसदी की ग्रोथ रेट का मतलब है कि कृषि क्षेत्र में पिछले आठ साल की सबसे कम ग्रोथ रहने वाली है। कृषि क्षेत्र में इतनी कम ग्रोथ की वजह कमजोर मानसून और अल नीनो प्रभाव को माना जा रहा है। पिछले साल कृषि क्षेत्र की ग्रोथ रेट 4 फीसदी थी। इसके पहले सूखाग्रस्त साल 2015-16 में कृषि क्षेत्र की ग्रोथ 0.6 फीसदी रही थी। मानसून की खराब चाल ने कृषि क्षेत्र को इस साल भी काफी नुकसान पहुंचाया है।

भारतीय मौसम विभाग ने अगस्त 2023 को 123 सालों का सबसे सूखा अगस्त घोषित किया था। इसकी एक प्रमुख वजह अल नीनो का असर रहा है। जिसके कारण सामान्य से कम बारिश हुई है और दक्षिण के कर्नाटक, महाराष्ट्र कई राज्य सूखे की मार झेल रहे हैं।

दूसरे सेक्टर का क्या हाल

अग्रिम अनुमान के अनुसार, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर चालू वित्त वर्ष में 6.5 फीसदी की रफ्तार से बढ़ सकता है। कंस्ट्रक्शन सेक्टर 10.7 फीसदी की रफ्तार से बढ़ने का अनुमान है। इसी तरह माइनिंग, वित्तीय, रियल एस्टेट और प्रोफेशनल सर्विसेज और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, डिफेंस इत्यादि में भी अच्छी ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) ग्रोथ दिख सकती है। सरकार के अनुसार सभी सेक्टर 6 फीसदी और उससे ज्यादा की दर से बढ़ेंगे। हालांकि सरकार ने भी माना है कि कृषि क्षेत्र का हाल अच्छा नहीं है और उसने 1.8 फीसदी की ग्रोथ का अनुमान लगाया है।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने राष्ट्रीय आय के बारे में अपने पहले अग्रिम अनुमान में कहा कि वित्त वर्ष 2023-24 में वास्तविक जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) यानी 2011-12 की स्थिर कीमतों पर जीडीपी के 171.79 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।

इस एडवांस एस्टीमेट का इस्तेमाल वित्त मंत्रालय बजट बनाने में करेगी। इसके आधार पर वित्त मंत्रालय अगले वित्त वर्ष 2024-25 की नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ का अनुमान लगाएगी। वित्त वर्ष 2023-24 की बात करें तो वित्त मंत्रालय ने 10.5 फीसदी की नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ का अनुमान लगाया था जबकि सांख्यिकी मंत्रालय के पहले एडवांस एस्टीमेट के मुताबिक यह सिर्फ 8.9 फीसदी की दर से बढ़ सकती है।

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