Connect with us

Hi, what are you looking for?

English

योजना

कैसे मिलेगा सस्ता ट्रैक्टर इंश्योरेंस, इन 5 बातों का हमेशा रखें ध्यान, होगा फायदा

आज के दौर में ट्रैक्टर से खेती जहां आसान हुई है, वहीं, किसान की कमाई का प्रमुख जरिया बन गया है। ऐसे में ट्रैक्टर की सुरक्षा भी बेहद अहम है। इसके लिए इंश्योरेंस सबसे आसान जरिया है। ऐसे में किसानों को अपने ट्रैक्टर का इंश्योरेंस जरूर कराना चाहिए। इंश्योरेंस होने के बाद चोरी, दुर्घटना, नुकसान आदि की स्थिति में ट्रैक्टर मालिक के ऊपर वित्तीय बोझ नहीं पड़ता है। इंश्योरेंस से ट्रैक्टर के चोरी होने, दुर्घटना और क्षतिपूर्ति की गारंटी मिलती है। ऐसे में इंश्योरेंस लेते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए

सबसे पहली बात-जरूर कराएं इंश्योरेंस

सबसे अहम बात यह है कि ट्रैक्टर का इंश्योरेंस जरूर कराए। क्योंकि इंश्योरेंस ट्रैक्टर की चोरी,दुर्घटना, दूसरे पक्ष की संपत्ति के नुकसान समेत अन्य खतरों से सुरक्षा देता है। क्योंकि इन सभी परिस्थितियों को इंश्योरेंस के अंदर शामिल किया जाता है। इसके अलावा तीसरे पक्ष की देनदारियां भी इंश्योरेंस में शामिल होती है। ऐसे में इंश्योरेंस कराते वक्त अपनी जरूरत और ट्रैक्टर के उपयोग का जरूर ध्यान रखना चाहिए..

तीन कैटेगरी में होता है इंश्योरेंस

कृषि ट्रैक्टर इंश्योरेंस– इंश्योरेंस कंपनियां कृषि गतिविधियों में उपयोग किए जाने वाले ट्रैक्टर का कवर करती है। जिसमें कृषि संबंधी गतिविधियों द्वारा होने वाले नुकासन को कवर किया जाता है।

कमर्शियल ट्रैक्टर इंश्योरेंस– इसके तहत कंपनी या व्यक्ति के जरिए पर्सनल या कमर्शियल ट्रांसपोर्ट के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ट्रैक्टर का इंश्योरेंस होता है। इस प्रकार के ट्रैक्टर से सड़क दुर्घटनाओं, गाड़ी चलाते समय अचानक नुकसान और प्राकृतिक नुकसान को कवर किया जाता है।

पब्लिक कैरियर ट्रैक्टर इंश्योरेंस– किराये पर इस्तेमाल किए जाने वाले ट्रैक्टर जिनका इस्तेमाल ढुलाई करने के लिए किया जाता है। उन्हें इस इंश्योरेंस के तहत कवर किया जाता है।

दो तरह से होता है इंश्योरेंस

थर्ड पार्टी ट्रैक्टर बीमा – इस इंश्योरेंस के जरिए ट्रैक्टर से किसी तीसरे पक्ष को होने वाले नुकसान या कानूनी देनदारी को कवर किया जाता है। इसमें तीसरे पक्ष की संपत्ति और वाहन के कारण होने वाला नुकसान भी शामिल होता है। हालांकि थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में ट्रैक्टर को होने वाले नुकसान को कवर नहीं किया जाता है। थर्ड पार्टी इंश्योरेंस सरकार के तरफ से अनिवार्य होता है

ओडी कवर ट्रैक्टर बीमा – यह तीसरे पक्ष की देनदारियों के साथ, ट्रैक्टर के नुकसान, मालिक और चालक का एक्सीडेंट कवरेज भी होता है।

कैसे मिलेगा सस्ता इंश्योरेंस

सबसे अच्छा तरीका यह है कि इंश्योरेंस खरीदते समय 3-4 कंपनियों की पॉलिसी की तुलना करें, साथ ही अपनी जरूरत के अनुसार इंश्योरेंस कवर ले। केवल एजेंट और कंपनी की बातों पर नहीं जाय। सारी चीजें पता कर ही इंश्योरेंस ले।

संबंधित पोस्ट

समाचार

उत्तर प्रदेश में खेती के लिए नलकूप कनेक्शन लेने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश सरकार इन किसानों को मुफ्त में बिजली...

कृषि

दूध उत्पादन में उत्तर प्रदेश के किसानों ने कमाल कर दिया है। प्रदेश 15 फीसदी से ज्यादा की हिस्सेदारी के साथ सबसे ज्यादा दूध...

नीति

मजबूती शुगर लॉबी के दबाव के चलते आखिरकार केंद्र सरकार को अपने एक सप्ताह पुराने फैसले से यू-टर्न लेना पड़ा। देश के चीनी उत्पादन...

संघर्ष

छुट्टा जानवर किसानों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में 15 दिनों के भीतर आवारा जानवारों के...