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नीति

भाजपा के दृष्टि-पत्र में शोभायात्रा के लिए अनुदान, लव जिहाद पर सख्ती लेकिन गैरसैंण गायब

भाजपा ने भू-कानून और गैरसैंण जैसे मुद्दों की अनदेखी कर अपने राजनीतिक एजेंडे को घोषणा-पत्र में तरजीह दी है

उत्तराखंड चुनाव से सिर्फ 5 दिन पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपना घोषणा-पत्र जारी किया है। इसे उत्तराखंड दृष्टि-पत्र 2022 नाम दिया गया है। कांग्रेस एक सप्ताह पहले अपना घोषणा-पत्र जारी चुकी है, जिसमें कई लोक-लुभावनी घोषणाओं के अलावा पहाड़ की समस्याओं के समाधान का दृष्टकोण प्रस्तुत किया है। भाजपा का दृष्टि-पत्र देर से जारी होने के बावजूद उत्तराखंड के विकास का कोई पुख्ता रोडमैप प्रस्तुत नहीं करता है बल्कि पार्टी के राजनीतिक एजेंडे पर केंद्रित है। भू-कानून और गैरसैंण जैसे अहम मुद्दों को भी भाजपा ने अपने दृष्टि-पत्र में जगह नहीं दी है।

भाजपा ने लव जिहाद कानून को मजबूत करने, चार धाम सर्किट के विस्तार और हरिद्वार को योग की अंतरराष्ट्रीय राजधानी बनाने जैसे ऐलान कर अपने कोर मतदाताओं को लुभाने का प्रयास किया है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर देकर केंद्र की योजनाओं का श्रेय ले रही है। असंगठित मजदूरों के लिए भाजपा ने 6,000 रुपये तक की पेंशन और 5 लाख रुपये के बीमा कवर का ऐलान किया है।

बुधवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देहरादून में भाजपा का घोषणा-पत्र जारी किया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के दृष्टि-पत्र में हर वर्ग का ध्यान रखा गया है और इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन साफ झलकता है। इसे तैयार करने में राज्य की सभी विधानसभाओं से कुल 77 हजार से ज्यादा सुझाव लिए गये थे।

लव जिहाद और गौ संतान कानून होंगे कठोर

भाजपा लव जिहाद के कानून को कठोर बनाएगी तथा दोषियों के लिए दस साल के कठोर कारावास का प्रावधान करेगी। हालांकि, उत्तराखंड में लव जिहाद कोई बड़ा मुद्दा नहीं है, लेकिन अपनी राजनीति के अनुरुप भाजपा ने यह बात घोषणा-पत्र में शामिल की हैं। तीन तलाक पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित की जाएंगी। महिला थानों की संख्या को दोगुना किया जाएगा।

उत्तराखंड में भू एवं जनसांख्यिकीय परिवर्तन का मुद्दा उठाते हुए भाजपा ने ऐसे मामलों की जांच के लिए एक विशेष आयोग गठित करने का ऐलान किया है। लैंड जिहाद से सबंधित विवादों की सुनवाई के लिए एक मध्यस्थता आयोग का गठन किया जाएगा। भाजपा गौ संतान संरक्षण अधिनियम, 2007 के प्रावधानों को भी मजबूत करेगी।

शोभायात्रा के लिए अनुदान

भाजपा ने सभी पंजीकृत मंदिरों को वार्षिक रथ यात्रा और शोभायात्रा के लिए 50 हजार रुपये तक का अनुदान देने की घोषणा की है। यह सहायता ग्राम देवता मंदिरों को ग्राम देवता जात आयोजित करने के लिए भी दी जाएगी। उत्तराखंड में मुस्लिम यूनिवर्सिटी के मुद्दे का तूल दे रही भाजपा ने अपने दृष्टि-पत्र में धर्म-संस्कृति और मंदिरों से जुड़ी खूब घोषणाएं की हैं। साफ तौर पर भाजपा साम्प्रदायिक ध्रु्वीकरण का लाभ उठाना चाहती है। लेकिन इस कोशिश में पहाड़ की मूलभूत समस्याएं और मुद्दे नजरअंदाज हो गये हैं।

चार धाम का विस्तार

चार धाम की तर्ज पर कुमाऊं के प्राचीन मंदिरों को भव्य बनाने के लिए मानसखंड मंदिर माला मिशन शुरू किया जाएगा। मंदिरों और तीर्थस्थलों के आसपास बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए भी एक नई योजना शुरू होगी। पंच बद्री और पंच केदार मंदिर समूहों का पुनरुद्धार किया जाएगा। भाजपा सरकारी स्कूलों में मौखिक संस्कृत लेबोरेटरी स्थापित करने की योजना बना रही है। नैनीताल में कुमाऊंनी, श्रीनगर में गढ़वाली और चकराता में जौनसारी अध्ययन केंद्र खोलने का ऐलान भी भाजपा ने अपने दृष्टि-पत्र में किया है।

गरीब परिवारों को साल में 3 एलपीजी सिलेंडर फ्री

महिला मतदाताओं को लुभाने के लिए कांग्रेस ने 500 रुपये में गैस सिलेंडर और सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 40 फीसदी आरक्षण देने का वादा किया है, वहीं भाजपा ने गरीब परिवारों को पूरे साल में तीन एलपीजी सिलेंडर फ्री देने की घोषणा की है। महिला अस्पतालों की तादाद को दोगुना करना और पर्वतीय जिलों में गर्भवती महिलाओं को 40 हजार रुपये का मातृत्व अनुदान भाजपा की अहम घोषणाएं हैं।   

निर्धन परिवारों की महिला मुखिया को 500 रुपये प्रतिमाह की सहायता राशि दी जाएगी, हालांकि यह बहुत कम है। भाजपा ने औद्योगिक शहरों में कामकाजी महिलाओं के लिए 10 नए महिला आवास बनाने और महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए 500 करोड़ रुपये का विशेष कोष बनाने का वादा किया है।

स्मार्ट विलेज में एटीएम और वाई-फाई

कांग्रेस ने अपने घोषणा-पत्र में कूडी बाड़ी पुनर्जीवन योजना के जरिये गांव के घर और जमीन को आबाद करने के लिए मदद का ऐलान किया है। जबकि भाजपा का जोर स्मार्ट विलेज बनाने पर है। भाजपा ने 2025 तक हरेक ग्राम पंचायत में एटीएम और हर गांव में वाई-फाई हॉटस्पॉट बनाने की बात कही है। भाजपा पूर्व सैनिकों और युवाओं को सीमावर्ती जिलों में बसने के लिए सहायता देगी।  

पहाड़ में पलायन और बेरोजगारी की गंभीर समस्या को देखते हुए कांग्रेस ने वन संपदा पर स्थानीय लोगों के अधिकार, पेड़ों को काटने की छूट और वृक्ष खेती को बढ़ावा देते हुए उत्पादकता और उद्यमिता पर काफी जोर दिया है, जबकि भाजपा गांवों को स्मार्ट बनाने की बात कह रही है। देश में 100 स्मार्ट सिटी की योजना सवालों के घेरे में है, ऐसे में स्मार्ट विलेज कितनी उम्मीद जगा पाएंगे यह तो 10 मार्च को ही पता चलेगा।

वेद पाठशालाओं को एक करोड़ का अनुदान

पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक की अध्यक्षता में तैयार भाजपा के दृष्टि-पत्र में प्रत्येक न्याय पंचायत में सीबीएसई से मान्यता प्राप्त अटल उत्कृष्ट विद्यालय और हर ब्लॉक में डिग्री कॉलेज खोलने का वादा किया है। वोकेशनल एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए वीर चंद्र सिंह गढ़वाली व्यावसायिक शिक्षा मिशन की शुरुआत की जाएगी।

भाजपा ने भारतीय संस्कृति आधारित शिक्षा पर जोर देने के लिए इंडिक शिक्षा बोर्ड की स्थापना, वेद पाठशालाओं को एक करोड़ रुपये के अनुदान और बीपीएल परिवारों के छात्र-छात्राओं की माताओं को एक हजार रुपये की सहायता का वादा किया है। कांग्रेस ने पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों को 5 लाख रुपये का स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड और अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति में ब्लॉक कैडर लागू कराने का दावा किया है।

शिक्षण संस्थानों में नैपकिन वेंडिंग मशीन

भाजपा सभी शिक्षण संस्थानों में सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन लगवाएंगी। मैदानी क्षेत्र की स्कूली छात्राओं को साइकिल, पर्वतीय क्षेत्रों की छात्राओं के खाते में 2850 रुपये, ग्रेजुएशन कर रहे स्टूडेंट को टैबलेट कंप्यूटर और यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों को एक लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। हर जिले में बालिका छात्रावास का निर्माण होगा और सैनिक स्कूलों की तर्ज पर नए स्कूल खोले जाएंगे। देहरादून में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की स्थापना की जाएगी।

भूमि पूजन के बाद सैन्य धाम की घोषणा

पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए भाजपा ने जनरल बिपिन रावत के नाम पर एक क्रेडिट गारंटी फंड बनाने का वादा किया है जिसके तहत 5 लाख रुपये तक के लोन पर 50 फीसदी गारंटी कवर दिया जाएगा। देहरादून में प्रस्तावित सैन्य धाम को भी भाजपा ने अपने घोषणा-पत्र में जगह दी है जबकि पिछले महीने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सैन्य धाम का भूमि पूजन कर चुके हैं।

किसानों को 2000 रुपये की सहायता

भाजपा ने पीएम-किसान योजना के तहत सालाना 6 हजार रुपये की मदद के अलावा किसानों को 2 हजार रुपये की धनराशि प्रतिवर्ष देने की योजना बनाई है। राज्य के 3500 गांवों में शून्य बजट प्राकृतिक खेती करवाई जाएगी। भाजपा का दृष्टि-पत्र उत्तराखंड को बागवानी और डेयरी हब बनाने की बात करता है साथ ही उत्तराखंड ऑर्गेनिक्स को ब्रांड बनाने पर जोर दिया है।

दूसरी तरफ कांग्रेस ने अपने घोषणा-पत्र में 9 जिलों को पूर्ण जैविक बनाने और कृषि व भूमि सुधार आयोग के गठन की घोषणा की है। खेती को जंगली जानवरों से बचाने के लिए फसल चक्र में परिवर्तन, वृक्ष खेती को प्रोत्साहन और जलागम क्षेत्रों के अनुरुप फसलों के लिए किसानों को प्रशिक्षण देना कांग्रेस के घोषणा-पत्र में शामिल है। भाजपा के मुकाबले कांग्रेस के घोषणा-पत्र में कृषि और ग्रामीण विकास पर अधिक जोर दिया गया है।

भू-कानून में सुधार, वन कानूनों में बदलाव और वन पंचायतों को पूर्ण स्वायत्ता देने जैसे वादे के साथ कांग्रेस ने उत्तराखंड की अवधारणा को ध्यान में रखते हुए अपना घोषणा-पत्र तैयार किया है, जबकि भाजपा के दृष्टि-पत्र पर उसकी हिंदुत्वादी राजनीति की छाप दिखायी दे रही है।

हरिद्वार को बनाएंगे योग की राजधानी

उत्तराखंड को हिंदुओं की आध्यात्मिक राजधानी बनाने के अरविंद केजरीवाल के ऐलान के बाद भाजपा ने हरिद्वार को अंतरराष्ट्रीय योग राजधानी बनाने के लिए मिशन मायापुरी का ऐलान किया है जबकि ऋषिकेश पूरी दुनिया में योगा कैपिटल के तौर पर पहचान बना चुका है। इस लिहाज से भाजपा का यह ऐलान आम आदमी पार्टी की कॉपी लगता है।

हर जिले में मेडिकल कॉलेज

एम्स का सैटेलाइट सेंटर पर्वतीय क्षेत्रों के बजाय तराई में खुलने को लेकर आलोचना से घिरी भाजपा ने राज्य के हर जिले में मेडिकल कॉलेज बनाने का ऐलान किया है। कुमाऊं में भी एम्स का सैटेलाइट सेंटर बनाया जाएगा। हर जिले में एक सरकारी अस्पताल सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में परिवर्तित होगा और हर जिले में डायलिसिस केंद्र की स्थापना की जाएगी। उत्तराखण्ड के पहाड़ी जिलों में सेवा करने वाले चिकित्सा कर्मियों को विशेष आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाएगा।

केंद्र की पर्वत माला भी चुनावी वादा

केंद्र सरकार के बजट में रोपवे डेवलपमेंट की जिस पर्वत माला योजना का ऐलान हुआ था, भाजपा ने उसे भी उत्तराखंड के घोषणा-पत्र में शामिल कर दिया है। राज्य के 10 पर्वतीय जिलों में रोपवे प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे। जिला मुख्यालय को नियमित हेली-टैक्सी सेवाओं से भी जोड़ने की योजना है। शहरी ट्रांसपोर्ट के लिए 1,000 इलेक्ट्रिक बसें चलायी जाएंगी। लेकिन उत्तराखंड में तेजी से बढ़ते शहरीकरण की चुनौतियों से निपटने के लिए व्यापक नीति भाजपा के दृष्टि पत्र में दिखाई नहीं पड़ती है।

बेरोजगारों को 3000 रुपये भत्ता

युवाओं को लुभाने के लिए कांग्रेस ने जहां 57 हजार खाली पदों को भरने और 4 लाख युवाओं को रोजगार देने का वादा किया है वहीं भाजपा ने 50 हजार सरकारी नौकरियां और प्रशिक्षु बेरोजगारों को एक साल तक 3000 रुपये प्रतिमाह भत्ता देने का ऐलान किया है। 31,275 युवाओं को उचित मानदेय पर ग्राम प्रबंधन बनाकर रोजगार दिया जाएगा। भाजपा का दावा तो सभी जिला मुख्यालयों में बी.पी.ओ. कैंपस खोलने का भी है।

हर ब्लॉक में बहुउद्देशीय इनडोर स्टेडियम के अलावा भाजपा पारम्परिक खेलों जैसे कबड्डी, गुल्ली-डंडा, बाघ बकरी, थाप मुर्गा झपड़, बत्ती, पिठू और फुटसाल इत्यादि को पुनर्जीवित करने के लिए 100 करोड़ रुपए की राशि का कोष बनाएगी।

वर्क फ्राम हिल्स

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भाजपा होम स्टे योजना की सब्सिडी 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने के अलावा ‘वर्क फ्रॉम हिल्स’ योजना लाएगी। इसके अंतर्गत पेशेवर लोगों के लिए 100 आधुनिक कर्मशालाओं का निर्माण होगा जहां रहने और काम करने की सुविधा प्रदान की जाएगी। प्रदेश के पांच शहरों को मसूरी और नैनीताल की तरह विकसित किया जाएगा। 20 स्थान साहसिक पर्यटन और 20 जगह इको-टूरिज्म हॉटस्पॉट बनेंगे।

भू-कानून और गैरसैंण का मुद्दा गायब

भाजपा के दृष्टि-पत्र में भू-कानून में बदलाव और गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के मुद्दा का जिक्र नहीं है। सशक्त भू-कानून का मुद्दा उत्तराखंड में कई महीनों से जोर पकड़ रहा है जबकि गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाना उत्तराखंड राज्य आंदोलन के समय से चली आ रही मांग है। सरकारी कर्मचारियों और संविदा कर्मियों के लिए भी भाजपा के दृष्टि पत्र में कुछ खास नहीं है।

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