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नीति

यूपी चुनाव के बीच पीएम मोदी ने गिनाई ग्रामीण विकास के बजट की खूबियां

आम बजट के तीन हफ्ते बाद आज प्रधानमंत्री मोदी ने ग्रामीण विकास के बजट की विशेषताओं पर जोर दिया

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के चौथे चरण चरण में आज 9 जिलों की 59 सीटों पर मतदान हो रहा है। इनमें लखीमपुर खीरी जिले की 8 सीटें भी शामिल हैं। लखीमपुर हत्याकांड ने किसान आंदोलन को गरमा दिया था। इस दौर के चुनाव में छुट्टा पशुओं से फसलों की बर्बादी का मुद्दा भी जोर-शोर से उठ रहा है।

इस बीच, बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े बजट प्रावधानों पर एक वेबिनार को संबोधित किया। आमतौर पर बजट के एक-दो दिन बाद तक ही बजट पर चर्चा होती है, लेकिन इस बार बजट पेश होने के तीन हफ्ते बाद खुद प्रधानमंत्री ग्रामीण विकास के बजट की खूबियां गिना रहे हैं। प्रधानमंत्री के इस कार्यक्रम को यूपी चुनाव से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

गत एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वर्ष 2022-23 का बजट पेश किया था। इस बजट में मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना के खर्च में कटौती की काफी आलोचना की गई थी। कोरोना काल के बाद आर्थिक मंदी से जूझ रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था में निवेश बढ़ाने और रोजगार पैदा करने की जरूरत है। लेकिन लॉकडाउन में श्रमिकों का सहारा बनी मनरेगा के बजट को 98 हजार करोड़ रुपये से घटाकर 73 हजार करोड़ रुपये कर दिया है।

आज के वेबिनार में ग्रामीण विकास के बजट की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बजट में जो ‘वाइब्रेंट विलेज’ कार्यक्रम घोषित किया गया है, वह देश के सीमावर्ती गांवों के विकास के लिए बहुत अहम है। उन्होंने कहा कि गांवों में डिजिटल संपर्क अब एक आकांक्षा ही नहीं है, बल्कि यह आज की जरूरत है।

अपने संबोधन में पीएम मोदी आवास योजना के लिए 48 हजार करोड़ रुपये के बजट का जिक्र करते हुए कहा कि इस साल 80 लाख घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस बजट में सरकार ने बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप दिया है। प्रधानमंत्री का कहना है कि सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की नीति पर काम कर रही है।

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