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नीति

थोक व खुदरा विक्रेताओं को हर सप्ताह चीनी स्टॉक बताना अनिवार्य

केंद्र सरकार ने चीनी व्यापारियों, खुदरा विक्रेताओं, बड़ी रिटेल चेन और प्रोसेसर्स को हर सप्ताह शुगर स्टॉक ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट करने को कहा है। चीनी और वनस्पति तेल निदेशालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, शुगर स्टॉक की जानकारी तत्काल देनी होगी और हर सोमवार को पोर्टल पर अपडेट करनी होगी। शुगर स्टॉक की जानकारी नियमित रूप से और सही तरीके से देने को कहा गया है। यह कदम संभवत: देश में चीनी उत्पादन और कीमतों की स्थिति को देखते हुए उठाया गया है। खाद्य वस्तुओं की महंगाई रोकना सरकार के लिए चुनौती बना हुआ है। इसके लिए आवश्यक वस्तु हुआ अधिनियम का सहारा लिया जा रहा है, जिसे विवादित कृषि कानून लाकर सरकार समाप्त करना चाहती थी।

उपभोक्‍ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, चीनी बाजार में जमाखोरी से निपटने और सट्टेबाजी पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने हर सप्ताह विभाग के पोर्टल (https://esugar. nic.in) पर चीनी स्टॉक की जानकारी देना अनिवार्य कर दिया है। जमाखोरी और सट्टेबाजी रोककर भारत सरकार सुनिश्चित करना चाहती है कि सभी उपभोक्ताओं के लिए चीनी सस्ती दरों पर उपलब्ध हो। देश के पास घरेलू खपत के लिए पर्याप्त स्टॉक है और त्योहारों के लिए कोई कमी नहीं है। 

महाराष्ट्र में चीनी उत्पादन घटने के आसार

इस साल गन्ना उत्पादक महाराष्ट्र और कर्नाटक राज्यों में कम बारिश के चलते आगामी चीनी सीजन 2023-24 (अक्टूबर–सितंबर) में भारत का चीनी उत्पादन घटने की आशंका है। हालांकि, इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (इसमा) ने इथनॉल के लिए 45 लाख टन चीनी उत्पादन के अलावा देश में कुल 317 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान लगाया है। लेकिन जानकारों का मानना है कि इस साल देश में चीनी उत्पादन करीब 305 लाख टन के आसपास रहने का अनुमान है जो चालू सीजन के 329 लाख टन चीनी उत्पादन के अनुमान से करीब 7.3 फीसदी कम है। देश में चीनी की सालाना खपत करीब 281 लाख टन है।

पिछले साल का करीब 57 लाख टन शुगर स्टॉक मौजूद होने से घरेलू जरूरतों के लिए देश में पर्याप्त चीनी मौजूद है, लेकिन उत्पादन घटने की आशंका से चीनी निर्यात की संभावना को झटका लगा है। विश्व बाजार में भारत की गैर-मौजूदगी के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी की कीमतें एक दशक के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं।

चीनी निर्यात की संभावना को झटका

सीजन 2021-22 में देश में चीनी उत्पादक रिकॉर्ड 360 लाख टन तक पहुंच गया था। तब महाराष्ट्र में 137 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ और देश से रिकॉर्ड 112 लाख टन चीनी निर्यात हुई थी। चालू सीजन (2022-23) में देश में चीनी उत्पादन लगभग 329 लाख टन रहने का अनुमान है। इस साल महाराष्ट्र का चीनी उत्पादन घटकर 105 लाख टन रह गया और देश से चीनी निर्यात भी घटकर 61 लाख टन तक सीमित रहा। आगामी पेराई सत्र में महाराष्ट्र में 90 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान है जिसे देखते हुए चीनी निर्यात की संभावना बहुत कम बची है।

चीनी उत्पादन और बाजार कीमतों को देखते हुए भारत सरकार चीनी निर्यात पर रोक लगा सकती है। अगर ऐसा हुआ तो सात वर्षों में पहली बार चीनी निर्यात पर रोक लगेगी। खाद्य महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए भारत सरकार चावल और प्याज के निर्यात को हतोत्साहित करने के कदम उठा चुकी है। त्योहारी सीजन में सरकार चीनी की महंगाई रोकने के भरसक प्रयास करेगी।

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