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दाल और धान का रकबा घटा, गेंहू-तिलहन के रकबे में इजाफा

गेहूं का कुल रकबा चालू रबी सीजन में 341 लाख हेक्टेयर को पार कर गया है। वहीं धान और दलहन का रकबा घट गया है। वहीं अगर तिलहन की बात करें तो उसका रकबा थोड़ा सा बढ़ा है। जो 110.96 लाख टन रहा है। कृषि मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार 2 फरवरी तक रबी सीजन में कुल फसलों का रकबा 709.29 लाख हेक्टेअर रहा है।

गेहूं का कितना रकबा बढ़ा

गेहूं का कुल रकबा चालू रबी सीजन में 341.57 लाख हेक्टेयर रहा है। जो कि पिछले सीजन में 339.20 लाख हेक्टेयर था। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पंजाब तीन प्रमुख राज्य हैं जहां गेहूं खेती के तहत अधिकतम रकबा है। वहीं रबी सीजन में कुल रकबे की बात है तो वह 709.29 लाख हेक्टेअर हो गया है। जो पिछले साल 709.09 लाख हेक्टेअर रहा था।

दालों और धान का रकबा घटा

मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार दाल और धान का रकबा कम रहा है। चालू रबी सीजन में दाल का रकबा 160.08 लाख हेक्टेयर रहा है, जो पिछले साल 166.19 लाख हेक्टेयर से कम है। इसी तरह चना, उड़द और मूंग का रकबा कम रहा। चान 104.74 लाख हेक्टेअर रहा है जो कि पिछले सीजन में 110.71 लाख हेक्टेअर रहा है। इसी तरह उड़द का रकबा चालू सीजन में 6.96 लाख हेक्टेअर रहा है। जो कि पिछले सीजन में 7.73 लाख हेक्टेअर रहा है। इसी तरह मूंग का का रकबा चालू सीजन में 5.93 लाख हेक्टेअर रहा है। जबकि पिछले सीजन में यह 6.78 लाख हेक्टेअर रहा है। वहीं धान का रकबा भी घटकर 39.29 लाख हेक्टेयर रह गया, जो पिछले सीजन में 40.37 लाख हेक्टेयर था।

तिलहन का रकबा बढ़ा

चालू रबी सीजन में तिलहन का रकबा 110.96 लाख हेक्टेयर हुआ है। जो पिछले सीजन में 109.76 लाख हेक्टेयर से कम है। वहीं रेपसीड और सरसों का रकबा भी बढ़ा है। जबकि मूंगफली, कुसुम, सूरजमुखी के रकबे में कमी आई है।

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