Connect with us

Hi, what are you looking for?

English

News

बिहार में बागवानी के लिए मिलेगा पैसा, सरकार की इन 2 योजनाओं में ऐसे करें आवेदन

बिहार में बागवानी करने का अच्छा मौका है। राज्य सरकार का कृषि विभाग फार्मिंग बेड योजना और गमले की योजना लेकर आया है। इसके तहत सरकारी अनुदान लेकर छत पर फूल-पौधे लगाए जा सकते हैं।बिहार सरकार की इस योजना का लाभ पटना, गया, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी जिलों में लिया जा सकता है। फार्मिंग बेड योजना में 37500 रुपये का अनुदान सरकार से मिलेगा। जबकि गमले की योजना के तहत 7500 रुपये अनुदान दिया जाएगा। इसी तरह बिहार सरकार ने टेरेस फार्मिंग सब्सिडी योजना के तहत मिलने वाली 50 फीसदी सब्सिडी को बढ़ाकर 75 फीसदी कर दिया है।

किसे मिलेगा बागवानी योजना का फायदा

नियमों के अनुसार व्यक्ति जिनके पास अपना घर हो अथवा अपार्टमेंट में फ्लैट हो जिसके छत पर 300 वर्ग फीट जगह हो, वे फार्मिंग बेड योजना का लाभ ले सकते है। खुद के मकान की स्थिति में छत पर 300 वर्ग फीट खाली स्थान है तो पंजीकृत सोसाइटी से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त लेना होगा।

फार्मिंग बेड योजना में कितना अनुदान

फार्मिंग बेड योजना अंतर्गत प्रति इकाई (300 वर्ग फीट) के हिसाब से 50000 रुपये खर्च आएगा। जिसमें से राज्य सरकार की तरफ से 75 फीसदी का अनुदान मिलेगा। यानी सरकार से 37500 रुपये का अनुदान देगी। जबकि बची हुई 12500 रूपये राशि लाभार्थी को देनी होगी।

गमले की योजना में कितना अनुदान

गमले की योजना अंतर्गत प्रति इकाई लागत 10000 रुपये आएगी। जिसका सरकार की तरफ से 75 फीसदी यानी 7500 रुपये अनुदान के रूप में मिलेगा। बाकी 2500 रूपये लाभार्थी को लगाने होंगे

कैसे करें आवेदन

योजना का लाभ उठाने के लिए https://horticulture.bihar.gov.in पर जाकर आवेदन जमा करना होगा। बिहार सरकार की ओर से जारी विज्ञापन के अनुसार बैंगन, टमाटर, भिंडी, पत्तागोभी, गाजर आदि सब्जियों की पैदावार होती है। इसके अलावा छत पर आम्रपाली आम, अनार, नींबू, पपीता जैसे फलों के पौधे लगाए जा सकते हैं।

संबंधित पोस्ट

समाचार

उत्तर प्रदेश में खेती के लिए नलकूप कनेक्शन लेने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश सरकार इन किसानों को मुफ्त में बिजली...

कृषि

दूध उत्पादन में उत्तर प्रदेश के किसानों ने कमाल कर दिया है। प्रदेश 15 फीसदी से ज्यादा की हिस्सेदारी के साथ सबसे ज्यादा दूध...

नीति

मजबूती शुगर लॉबी के दबाव के चलते आखिरकार केंद्र सरकार को अपने एक सप्ताह पुराने फैसले से यू-टर्न लेना पड़ा। देश के चीनी उत्पादन...

संघर्ष

छुट्टा जानवर किसानों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में 15 दिनों के भीतर आवारा जानवारों के...