बुधवार, 21 अप्रैल 2021
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टिकैत के आंसू निकले तो पीएम के होंठों पर हंसी थी: प्रियंका गांधी



मुजफ्फरनगर की किसान पंचायत में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा

कृषि कानूनों के खिलाफ तीन महीने से दिल्ली की सरहदों पर चल रहा किसान आंदोलन अब उत्तर भारत की राजनीति में हलचल मचा रहा है। किसान यूनियनों के साथ-साथ विपक्ष के नेता किसान पंचायतें को जरिये अपनी राजनीतिक जमीन को पुख्ता करने में जुटे हैं।

इसी क्रम में 20 फरवरी को मुजफ्फरनगर जिले के बघरा में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने एक किसान पंचायत को संबोधित किया। इस मौके पर प्रियंका गांधी को सुनने भारी संख्या में पहुंचे किसानों को देखकर कांग्रेसी गदगद थे। इससे पहले बिजनौर के चांदपुर और सहारनपुर के चिलकाना में भी प्रियंका गांधी की किसान पंचायतों में अच्छी खासी भीड़ जुटी थी।

प्रियंका गांधी ने किसानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर जमकर प्रहार किये। उन्होने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री जिन कानूनों को किसान हितैषी बता रहे हैं, वे किस किसान से पूछकर बनाये। कृषि कानूनों के खिलाफ जोरदार हुंकार भरते हुए प्रियंका गांधी ने किसानों का साथ देने का वादा किया।

किसान आंदोलन को लेकर सरकार के रवैये की आलोचना करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि जो किसान अपने बेटे को देश की रखवाली करने भेजता है उसे देशद्रोही, आतंकवादी कहा गया। जब चौधरी टिकैत की आंखों में आंसू आते हैं तो हमारे प्रधानमंत्री जी के होठों पर मुस्कान आती है। उन्हें मजाक सूझता है। जो प्रधानमंत्री अमेरिका जा सकते थे, पाकिस्तान जा सकते थे, चीन जा सकते थे वो किसानों के आंसू पोंछने उन तक नहीं जा पाये।

आज प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना कहानियों के अहंकारी राजा से कर डाली जो किसी की नहीं सुनता। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री की राजनीति सिर्फ अपने लिए और अपने खरबपति मित्रों के लिए है।

मुजफ्फरनगर किसान पंचायत में प्रियंका गांधी ने गन्ने के दाम और बकाया भुगतान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पूरे देश में गन्ने का बकाया भुगतान 15 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। लेकिन सरकार ने पीएम के दुनिया घूमने के लिए दो हवाई जहाज खरीदे हैं, जिनकी कीमत 16 हजार करोड़ रुपये है।

किसानों की दुखती रग पर हाथ रखते हुए प्रियंका गांधी ने डीजल, खाद, बीज की महंगाई का मुद्दा उठाया। साथ ही नए कृषि कानूनों से मंडियों के खत्म होने और पूंजीपतियों की मनमानी का डर भी दिखाया। उन्होंने कहा कि आज किसानों के घरों से लूट हो रही है और प्रधानमंत्री के दो पूंजीपति मित्रों को पूरी छूट दी गई है।

इस किसान पंचायत में शामिल हुए लोगों का कहना है कि लंबे अरसे के बाद मुजफ्फरनगर में कांग्रेस की किसी सभा में इतनी भीड़ जुटी। प्रियंका गांधी की इन सभाओं से पश्चिमी यूपी में शिथिल पड़े कांग्रेस संगठन में नई जान आ सकती है। हालांकि, समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल भी किसान आंदोलन से उपजी लहर को भुनाने का प्रयास कर रहे हैं।