Tag: जलवायु परिवर्तन

समाज और पर्यावरण के बीच से गुम होते घराट

समाज और पर्यावरण के बीच से गुम होते घराट

घराट सिर्फ आटा पीसने या धान कूटने का यन्त्र नहीं है बल्कि अादिवासी/पर्वतीय क्षेत्र की एक संस्कृति और प्राकृतिक संसाधनों के बीच सामंजस्य का एक अनूठा नमूना है। हिन्द कुश हिमालय क्षेत्र मे 2 लाख घराटो का इतिहास मिलता है जो धीरे-धीरे समाप्त हो गए हैं।

सूखा – सच का या सोच का…?

सूखा – सच का या सोच का…?

आज के ‘विकास मॉडल’ में पृथ्वी, जल, पवन, आकाश और अग्नि को बिना कुपित किए विकास की कल्पना की जा सकती है? या फिर नए सिरे से विकास की अवधारणा पर विचार करना चाहिए?